हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद
करिश्माई व्यक्तित्व के धनी वो एक बाज़ीगर थे
खेलों में मास्टर हॉकी के अदभुत वो जादूगर थे
साधारण प्रेमवत व्यवहार के धनी प्रतिभा से संपूर्ण थे
तीन तीन विश्व कप भारत को जिताने वाले वो अमिट अक्षुण्य थे
खेलते ऐसे थे मानो बॉल हॉकी से चिपक गई हो
अलग स्टिक से होती थी जब गोल पोस्ट में घुस गई हो
एक अदभुत व्यक्तित्व के धनी वो एक देशभक्त इंसान थे
देश खातिर खेलने वाले देश की सुंदर पहचान थे
मेजर ध्यानचंद भारतीय खेल को जीवित करने वाले पुरोधा थे
पदम भूषण से सम्मानित सशक्त दिग्गज हॉकी के मूर्धन्य अमिट ओहदा थे
संदीप सक्सेना
जबलपुर म प्र











