
विधा- कविता
मौलिक रचना
भविष्य का शिक्षक ज्ञान का दीप जलाएगा,
हर बच्चे के सपनों को पंख लगाएगा।
तकनीक के संग शिक्षा को सरल बनाएगा,
नई सोच से जीवन-पथ दिखाएगा।
न भेद करेगा अमीर-गरीब में,
समान अवसर देगा हर नसीब में।
किताबों के साथ अनुभव सिखाएगा,
गलती से सीखना भी बताएगा।
प्रश्न पूछने की आज़ादी देगा,
हर जिज्ञासा को नई उड़ान देगा।
मोबाइल, कंप्यूटर का ज्ञान कराएगा,
पर संस्कारों का दीप भी जलाएगा।
प्रकृति बचाने का पाठ पढ़ाएगा,
मानवता का अर्थ समझाएगा।
खुद सीखकर बच्चों को सिखाएगा,
बदलते युग के साथ कदम मिलाएगा।
वह केवल शिक्षक नहीं, मार्गदर्शक होगा,
हर विद्यार्थी के सपनों का सहचर होगा।
ऐसा शिक्षक भविष्य बनाएगा महान,
जिससे रोशन होगा देश और हिंदुस्तान।
रचनाकार
कौशल
मुड़पार चु पोस्ट रसौटा, तहसील पामगढ़
जिला जांजगीर-चांपा
छत्तीसगढ़
पिन 495554











