
इस पूरे समाज को देख मन आहत है
प्रभु सिर्फ इतनी सी चाहत है
यादि कोई व्यक्ति अनजानें में भूल करे
तो गजानन कर देना उसे माफ
और यदि वो जो जान बूझ कर छल जो करे
कभी भूल कर भी न करना उसे माफ
जो वो ऐसे राक्षसों से काम करे
हर किसी के साथ स्वार्थी बने
सबके मन में सद्कर्म की वृत्ति जगाओ आप
दुराचारियों को न करना माफ
यह वह समाज जो अपनी पावर पर हँसता है
प्रभु आपको कुछ नहीं समझता है
सिर्फ अपने दंभ पर जन जन को भटकाता है
उन पर अपना अमिमान दिखाता है
प्रभु अब एक बार अब तो आ जाओं आप
हम सबको दिलाओं अब आप ही सही न्याय
क्यों हो रहा समाज मे यों अन्याय
हे मेरे गजानन आप आ ही रहें हो
घरती पर
करने छल फरेबी दुराचारियों स्वार्थी जन का करने संहार
हर तरफ आपकी जय जय कार
शीलू जौहरी भरूच











