Uncategorized
Trending

जल-प्रलय/सैलाब

जल ने जब विकराल रूप धर, मचाया हाहाकार,
डूब रहें हैं घर गाँव सभी, बहता रहा संसार।
प्रकृति से छेड़छाड़ नतीजा, इंसान आज समझे-
जल का सम्मान सभी करना, तभी हो जीवन-सार।

नदियों का जल जब उफन पड़ा, छाया घोर अँधियार।
बहते घर खेतों की फसलें, डूबे नगर-बाजार।
पेड़ की कटी छाँव बता दे, भूल हुई है भारी—
प्रकृति बचाएँ मिलकर हम सब, तभी बचे संसार।।

जल प्रलय ने आज मचाया, चारों ओर कोहराम।
सैलाबों ने छीन लिया है, कितनों का सुख-चैन तमाम।
नेपाल से उठी जलधारा ने, बिहार को घेरा आज-
मुजफ्फरपुर भी चपेट में आया, सहमा जन-जन काम।

जल प्रलय का रूप भयंकर, सैलाबों का शोर।
जलधारा ने बढ़कर जैसे, घेरा जाल चहुँ ओर।
नेपाल की बाढ़ का असर अब, बिहार तक आ पहुँचा-
मुजफ्फरपुर की करुण पुकार—हे प्रभु! संकट निबार।


डाॅ सुमन मेहरोत्रा ‘सुरभि’
मुजफ्फरपुर, बिहार

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *