
रख लो हाथ अपने दिल पर,
फिर पूछ लेना सवाल।
कुछ बोलूँ मैं, कुछ बोलो तुम,
फिर दिल का हिसाब रख लेना।
अख़बार की डेटलाइन में
मेरा नाम ढूँढ़ लेना।
कभी मिले फ़ुर्सत में तो
पुरानी डायरी पलट लेना।
किसी पुराने ख़त के पन्नों में
मेरा एहसास ढूँढ़ लेना,
कहीं गुलाबों की पंखुड़ियों में
वही ख़ुशबू ढूँढ़ लेना।
महक में शायद मैं मिल जाऊँ,
उस महक में मेरा प्यार ढूँढ़ लेना।
मेरी ख़ामोशियों में कभी
वो अधूरा इज़हार ढूँढ़ लेना।
फिर कर लेना अपना हिसाब,
हर सवाल में मुझे ढूँढ़ लेना।
और जब याद आए मेरी,
बस आँखें बंद करके मुस्कुरा लेना।
रख लो हाथ अपने दिल पर,
फिर पूछ लेना सवाल।
रंजीता श्री











