
विधा – कविता
ये जीवन तो मेरे माधव ने दिया है,
जिंदगी जीने का सहारा भी तुमने ही दिया है।
इन खुली आँखों में मोहन ख्वाब भी तुम्हारे हैं,
इन साँसो की माला में हर सांस तुम्हारी है।
विश्वास है मुझे तुम नहीं छोड़ोगे,
गर मंझधार में भी फंस जाऊँ,
थाम लेना हाथ मेरा और,
उस किनारे ले जाना माधव,
जहाँ धाम हो तुम्हारा।।
तुम्हारे चरणों में बीत जाए ये जीवन,
तुम्हारे भजनों में रम जाए ये मन।
यही मेरी मंजिल है,
यही मेरा ठिकाना,
कभी न भटकूँ इस जीवन में,
मुश्किल कैसी भी आ जाए माधव,
मुझे मंजिल तक पहुँचाना।।
पूर्णपावन कृति
सराईपाली छत्तीसगढ़












