
मंजिल पा लेने की जगी है तमन्ना
साथियों, अब कदम ना रूकने देना
उठो,जागो आगे बढो कि मंजिल बहुत करीब है
थककर मत बैठो साथियों, जागा तेरा नसीब है ।।
यही वक्त उपयुक्त है,और कोई वक्त नही
अंतिम मौका है आगे बढो,चुके नही
उसका इन्तेजार, मेरा इन्तेजार ये अब बाते नहीं
ये पल सबका भला का है,आनाकानी नही ।
खुद को खुद से ही घोषित कर लो नेतृत्वकर्ता
रच दो अब अपना भाग्य विधाता
पा लो आगे बढकर निज मंजिल
आसान होने लगा है, नही है मुश्किल ।
बस,थोड़ी सी और दिखाइये हिम्मत
निश्चित मानो,बदल जायेगी किस्मत
चल साथियों चल अबकी बार रूके नहीं
अंतिम मौका है साथियों, चुके नही ।
चुन्नू साहा पाकूड झारखण्ड











