विश्वास जीवन जीने का एक महत्वपूर्ण सोपान है
बिन विश्वास संसार नरक समान है
अपने पर विश्वास या औरों पर विश्वास करना ही पड़ता है
जीवन रूपी नाव का विश्वास एक पतवार है खेना पड़ता हैं
विश्वास पर तो पूरी दुनियाँ का दारोमदार है
बिन विश्वास अधूरा सबका किरदार है
कलयुग है विश्वास पर चोट ही मूलाधार हैं
दुनियाँ में हर पल विश्वास का ही तिरस्कार है
कलयुग में शाश्वत सत्य ये कहना है
जीना है विश्वास किसी पर ना करना है
विश्वास से दुनियाँ आज भी विधमान है
विश्वास है इसीलिए जीवित कलयुग में भगवान है
अच्छाई दुनियाँ में उँगली पर है विश्वास का परिचायक है
विश्वास ही दुनियाँ को समान साधने में सहायक है
संदीप सक्सेना
जबलपुर म प्र











