
हिंदी मेरी शान है, हिंदी मेरी जान,
इसकी मीठी बोली में, बसता हिंदुस्तान।
शब्द-शब्द में प्रेम है, स्वर में मधुरिम गान,
हिंदी मेरी शान है, हिंदी मेरी जान।
माँ की ममता जैसी प्यारी,गंगा जैसी निर्मल धारा,
मन के भावों को जो कह दे,हिंदी का है इतिहास न्यारा।
हिंदी मेरी शान है, हिंदी मेरी जान,
इसकी मीठी बोली में, बसता हिंदुस्तान।
तुलसी की चौपाई इसमें,कबीर की सच्ची वाणी,
प्रेमचंद के सपने इसमें,भारत की अमर कहानी।
दूर देश तक गूँजे इसकी,मधुर-मधुर पहचान,
हिंदी से जुड़कर खिलता,अपना हिंदुस्तान।
हिंदी मेरी शान है, हिंदी मेरी जान,
इसकी मीठी बोली में, बसता हिंदुस्तान।
आओ मिलकर इसे सँवारें,नित इसका सम्मान बढ़ाएँ,
अपने शब्दों, अपने स्वर से,हिंदी का परचम लहराएँ।
जन-जन की आवाज़ बने यह,बने हृदय की तान,
हिंदी रहे सदा मुस्काती,यही हमारा मान।
हिंदी मेरी शान है, हिंदी मेरी जान,
इसकी मीठी बोली में, बसता हिंदुस्तान।
रीना पटले शिक्षिका (कवियित्री)
शासकीय हाई स्कूल ऐरमा कुरई
जिला-सिवनी मध्यप्रदेश











