
कविताएँ
लिखना जरूरी है
क्योंकि
उनमे संवेदनाओं की जमीन पर
फूटते है अंकुर
ये शब्दों की फसल
इसलिए भी है जरूरी
ताकि बच सके
वजूद
इंसानियत का
सब कुछ खत्म होने से
पहले की एक कोशिश
जगाने की
मनुष्यता की मूर्छित आत्मा को…
ताकि साँस ले सके
सदियाँ सदियों तक
बहता रहे नदियों का
जल अनवरत धरती पर
और हरी भरी रह सके
कुदरत की काया
उसकी आखिरी उम्मीद तक
कविता इसलिए भी
है जरूरी
कविता आज के समय के
जटिल यथार्थ का
मार्मिक दस्तावेज है
के वी












