
बच्चे हो या जवान बूढ़े हो या कुछ उम्रदराज जिनके चेहरे पर मासूमियत होता है,अक्सर
नियत से साफ वही इंसान होता है,क्योंकि उनके चेहरे पर साफ़ साफ़ नजर आ जाता
है,की उनकी नियत कितना साफ़ है या नहीं है,ये किसीको कुछ बोलने की जरुरत
नहीं पड़ती है,क्योंकि चेहरे वाले अक्सर अपने आप में एक अलग स्वभाव का होता
है,जो हर किसीको पसंद आता है हर कोई उनकी तारीफ करते हैं,और उनके जैसा
बनने का अपने बच्चों को नसीहत देते हैं, और कुछ बच्चे बनते भी है, उनके जैसा,बस
इतनी सी बात है हम सबके जीवन में जो हर किसी को समझ में नहीं आती है,
चन्दे पासवान उर्फ अलबेला जी मधुबनी बिहार से,












