
हिंदी तो हिंदी है
- मेरी एक उमंग हिंदी भाषा के संग
अंग्रेजी तो आती नहीं
तो फिर क्या करें एक महाशय बोले कि अंग्रेजी में बोले कुछ और मतलब निकले कुछ,
अंकल बोले तो सामने वाला कंफ्यूज हो गया,कि काका, चाचा,मामा या फूफा कहुं,
भाई साहब वो तो पड़ोसी निकला,,
सुनकर बेहोशी में हो गया,
मेरे यहां घर घर जाकर तो लोगों देखो पैदाइश से ही हिंदी भाषा को लेकर बोली मैं रिश्ते आंनद से भर देतें है,
मां शब्द में हि सभी देवीयां विराजमान हैं,
जन्म देने वाली ममता विद्यमान है,
मासी मां ,काकी मां, भाभी मां, दादी मां,नानी मां,,,
आहा रिश्तों में गज़ब कि मिठास है,
मेरी हिंदी भाषा क्या लाजबाव है,
जब स्वर व्यंजन हम बोले तो सरस्वती मां कंठ में वास करती है,
जुबां नाक तालू होंठों से बोली बोलने से अमृत बरखा हो जाती है,
सूरों के सरगम के वाद्य यंत्र सरस्वती को प्रसन्न करने में सक्षम है,
धुन में सूर में, रागिनी मन से उपजे तो,
आंखों से नीर बरस जाएं, आसमां से पानी बरस जाएं,
शब्दों से इतिहास लिखा जाएं, कहानीयां लिखी जाएं,
कविताऐं रचि जाएं,
शब्दों में जादू है
तलवार भी म्यांन में समा जाए,
शब्द सुमन शब्द मरहम शब्द जाल शब्द जादू शब्द जंतर-मंतर ,
शब्द मंत्र, आराधना पुजा साधना, शब्द है,
शब्द युक्ति , शब्द मुक्ति ,
शब्द प्रयोग , शब्द, समीक्षा,
शब्द समीकरण,
शब्द हल, शब्द परिणाम,
शब्द आयाम, शब्द आवाज़, शब्द आनंद, शब्द विरोध, शब्द हि आरोप, शब्द ही आराम,
शब्द रचनाएं, शब्द कलश,शब कल्पना, शब्द अनंत शब्दयोग पत्रिका,
शब्द आदि अनंत अन्वेषी, अवगत, अविरल धारा, शब्द अविनाशी,
हिंदी भाषा मेरा गर्व , हिंदी मेरा अधिकार,
हिंदी भाषा मेरा अभिमान है,
क्योंकि मेरा देश महान है, यह मेरा हिंदुस्तान है,
शब्द हि आव्हान है
शब्द हि अज़ान है,
शब्दों में देव रमण है
शब्दों में देवियां का व्याख्यान है ,
हिंदी है हम वतन है हिंदुस्तान हमारा,,
यहां हिन्दी साहित्य में हिंदी बोली जाती है
इसलिए सबसे प्यारा
देश हमारा,
सारे जहां से अच्छा
हिंदुस्तां हमारा।।
अशोक सुमन भवानी मंडी (राज.)











