
राधे राधे ,राधे राधे राधे ,
कहते कहते पार लग जाएं,
श्री राधे राधे राधे बोल कर
श्री कृष्णा
को पाएं,
राधा रानी बरसाना की मन मोहन की मधुर मुरली की धुन में खौ खो जाए,
सावन के हिंडोले में झुलन को श्री राधे आए,
कान्हा हिंडोला में राधा रानी को झुलाए,
बृजभान की दुलारी,
श्री कृष्ण की प्यारी,
प्रेम रस बरसाती प्रेम धुन में मगन हो हो जाए,
राधा तूम बढ़ भागिनी,
कौन तपस्या किन,
तीन लोक स्वामी,
आज हैं तेरे अधीन।।
राधे राधे, राधे राधे,
श्याम मिला दे श्याम मिला दे,
श्री राधे श्री राधे श्री कृष्णा श्री कृष्णा,
अशोक सुमन भवानी मंडी (राज.)













