
मां की दुलारी ये बेटियां
घर की आन और शान है बेटियां
मां की ममता की मूरत हैं बेटियां
फूलों सी नाजुक व कोमल है बेटियां
अंधेरों को दूर कर घर को रोशन करती हैं बेटियां
संस्कारों की अनुपम धरोहर हैं बेटियां
बेटों से कम नहीं ये बेटियां
घर की हर बाधा को सुलझाती हैं बेटियां
अपने हुनर की जौहर से सम्मान पाती हैं बेटियां
रिश्तो की पगडंडियों पर मुस्कुराती है बेटियां
घर के हर खर्च के ब्योरे मां को समझाती है बेटियां
अपनी शिक्षा से कर देती हैं रोशन चिराग ये बेटियां
बाबुल के कंधों पर गर्व का परचम लहराती है ये बेटियां
दो -दो कुलों की मर्यादा बखूबी निभाती ये बेटियां
मां के हर कामों में हाथ बटाती बेटियां
यह कोई गैर नहीं ,अब तो बचा लो बेटियां
ऐसी होनहार मां की आंखों की नूर है बेटियां
मां -पापा की लाडली ये बेटियां
डॉ मीना कुमारी परिहार













