
सत्य और अहिंसा के रखवाले
भारत माँ के सबसे प्यारे दो थे राजदुलारे,
गाँधी बापू और लाल बहादुर शास्त्री हमारे |
जो थे सत्य और अहिंसा के रखवाले,
जो थे बड़े ही हिम्मत और तप वाले ||
दोनों का था सादा जीवन और उच्च विचार,
करते थे दोनों ही अपनी माटी से प्यार |
बापूजी ने जब करो या मरो का दिया था नारा,
शास्त्रीजी ने जय जवान जय किसान का लिया था सहारा ||
निःस्वार्थ भाव से मातृभूमि की करके सेवा,
मातृभूमि को दिया और अधिक निखार |
अपने प्रेम से मिटा दिया सभी के मन का विकार,
अंग्रेजों का कोई प्रलोभन किया नहीं स्वीकार ||
दोनों के आगे टिक न सका कोई अमर्यादित शूल,
ऐसे थे भारत की धरती के ये दो फूल |
सामर्थ्य से अपने ‘आशीष‘ ने रची यह रचना,
क्षमा कर देना यदि रचना में हो गई हो कोई भूल ||
आशीष कुमार
हमीरपुर (उत्तर प्रदेश)













