
माँ कात्यायनी महादेवी दुर्गा
नवदुर्गा का छठवाँ स्वरूप हैं,
माँ कात्यायनी अत्याचारी राक्षस
महिषासुर का वध करने वाली हैं।
माँ कात्यायनी दुर्गा के एक रूप में
नवरात्रि के छठें दिन पूजा होती है,
माँ कात्यायनी चार, दस या अठारह
भुजाओं के साथ दिखाई जाती हैं।
संस्कृत अमरकोश में आदि देवी
पार्वती पराशक्ति देवी पार्वती के
अन्य नाम उमा, गौरी, कात्यायनी,
काली, हेमावती, ईश्वरी आदि हैं।
चन्द्रहासोज्जवलकरा शार्दूलवरवाहना।
कात्यायनी शुभं दध्यादेवी दानवघातिनी।
आदित्य इनके हाथों में खड्ग, पद्म,
अभयमुद्रा, वरदमुद्रा, पर्वतवासिनी,
सिंहवाहिनी माँ कात्यायनी देवी को
कोटि कोटि नमन, वन्दन, प्रणाम हैं।
डा० कर्नल आदि शंकर मिश्र
‘आदित्य’, ‘विद्यावाचस्पति’
‘विद्यासागर’, लखनऊ













