
आज न पढने के लिए जो भी बच्चे बहाना बनाऐगा।
कल उसको मजदूरी करने के लिए फिर कोई बहाना नहीं चलेगा।।
क्योंकि भले ही कोई बच्चा बहाना बना लेता है आज स्कूल नहीं जाऊंगा।
लेकिन जवानी में उसका कोई बहाना नहीं चलेगा कि मैं मजदूरी नहीं करूँगा।।
क्योंकि जो पढता है वही आगे बढता है फिर वह भी कुछ बनते है।
क्योंकि शिक्षा ही हमारी सही दिशा को तय करती है।
न कि अशिक्षित हो कर अपनी दिशा से भटकना होता है।।
क्योंकि कईं दिन रात की मेहनत एक दिन रंग जरूर लाती है।
जिस प्रकार दाल चावल रोटी सब्जी जीने के लिए ग्रहण करते हो।।
ठीक उसी प्रकार पढाई अपने जीवन के लिए दिमाग में उतार लो।
चन्दे पासवान उर्फ अलबेला जी मधुबनी बिहार से,













