
गीत: नवरात्र में राम नाम की ज्योति
—माँ दुर्गा की शक्ति, रामचरितमानस की भक्ति —
(मुखड़ा)
नवरात्रि की पावन बेला, राम नाम की ज्योति जले,
माँ दुर्गा के चरणों में, हर भक्त का विश्वास पले।
मानस की चौपाई गूँजे, राम की महिमा गाएँ,
जय सियाराम, जय सियाराम, घर-घर दीप जलाएँ।।
(अंतरा – 1)
माँ शैलपुत्री शक्ति स्वरूपा, भक्तों की रखवाली हैं,
रामचरितमानस में प्रभु राम, मर्यादा के माली हैं।
एक ओर जगदंबा माता, एक ओर रघुराई हैं,
भक्ति और शक्ति की धारा, दोनों में समाई है।।
(अंतरा – 2)
बाल रूप में राम लला ने, अयोध्या को हर्षाया,
कौशल्या के आँगन में, सुख का चाँद उतर आया।
तुलसी की लेखनी ने प्रभु का, सुंदर चरित सुनाया,
राम नाम की अमृत धारा ने, जग को राह दिखाया।।
(अंतरा – 3)
जनकपुरी में धनुष उठाकर, सीता का मान बढ़ाया,
शिवधनु टूटते ही प्रभु ने, जग को प्रेम सिखाया।
सीता-राम के पावन बंधन, प्रेम सुधा बरसाते हैं,
नवरात्र के शुभ अवसर पर, मंगल गीत सुनाते हैं।।
(अंतरा – 4)
वन-वन भटके रामचंद्र जी, धर्म-पथ से न डोले,
सुख हो चाहे दुख का सागर, सत्य के मोती तोले।
सीता माता, लक्ष्मण संग में, त्याग की राह दिखाई,
राजमहल से वन तक प्रभु ने, मर्यादा निभाई।।
(अंतरा – 5)
हनुमत की सेवा से जागी, भक्ति की अनुपम धारा,
राम-सुग्रीव की मित्रता ने, जग को दिया सहारा।
शबरी के मीठे बेरों में, प्रेम प्रभु ने पाया,
जाति-वर्ग का भेद मिटाकर, मानव धर्म सिखाया।।
(अंतरा – 6)
लंका में जब धर्म-अधर्म का, भीषण युद्ध मचाया,
माँ जगदंबा की शक्ति ने भी, भक्तों को बल दिलाया।
रावण के अभिमान का अंत, श्रीराम ने कर डाला,
सत्य की विजय का संदेशा, जग में उजियारा लाया।।
(अंतरा – 7)
नौ दिन माँ की आराधना, दसवें दिन जयकारा,
राम विजय का पर्व सुनाता, सत्य सदा है प्यारा।
शक्ति बिना संकल्प अधूरा, भक्ति बिना सब सूना,
राम नाम और माँ का सुमिरन, जीवन का उजियारा।।
(अंतरा – 8)
मानस की चौपाई कहती, प्रेम करो निष्काम,
दीन-दुखी की सेवा करना, यही प्रभु का धाम।
माँ दुर्गा से शक्ति माँगें, राम से सद्बुद्धि,
प्रेम, दया, सेवा से महके, भारत की यह धरती।।
(समापन – भक्ति का जयघोष)
माँ के चरणों में श्रद्धा हो, अधरों पर श्रीराम,
हर मन में सद्भाव जगे और, हर घर हो सुखधाम।
नवरात्रि में यही प्रार्थना, मिट जाए अज्ञान,
जय भवानी! जय श्रीराम! गूँजे हिंदुस्तान।।
जय माता दी! जय श्रीराम!
रचयिता: नंदकिशोर वर्मा
पद: माध्यमिक शिक्षक
विद्यालय: शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बकोड़ी
विकासखंड: कुरई, जिला सिवनी, मध्य प्रदेश













