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कविता – सपनों की उड़ान

सपनों से ही जीवन जगमग,
सपनों से ही होती पहचान।
मेहनत करके आगे बढ़ना,
यही है सपनों की उड़ान।

पंछी जैसे पंख फैलाकर,
नीले गगन को छू लेता।
वैसे ही इंसान भी मेहनत से,
हर मंज़िल को पा लेता।

कठिनाइयाँ रोकें चाहे,
हिम्मत से सब काम बनें।
सपनों को सच करने वाले,
दुनिया में सम्मान करें।

बड़े-बड़े सपने देखें हम,
पूरी हो हर एक अरमान।
मेहनत, विश्वास और साहस से,

भरें चलो सपनों की उड़ान।

रचनाकार – हरनारायण कुर्रे मुड़पार चु पोस्ट रसौटा तहसील पामगढ़ जिला जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़

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