
महात्मा गांधी को ईसा मसीह और
महात्मा बुद्ध जैसा सम्मान मिलता है,
लार्ड माउन्ट बेटन ने गांधी जी की
हत्या पर यही लिखा व यही कहा है।
महात्मा गांधी ब्रिटिश हुकुमत अपने
काल पर्यन्त कलंक से बच गई है,
क्योंकि आपकी हत्या आपके देश,
आपके राज, आपके लोगों ने की है।
लॉर्ड माउंट बेटन ने कहा कि यदि
इतिहास आपका निष्पक्ष मूल्यांकन
कर सका तो वो आपको ईसा और
महात्मा बुद्ध की कोटि में ही रखेगा।
कोई कौम इतनी कृतघ्न और इतनी
खुदगर्ज कैसे हो सकती है जो अपने
प्यारे राष्ट्र पिता व मार्गदर्शक की
छाती गोलियों से छलनी करदे।
ये तो नृशंस बर्बर नरभक्षी कबीलों में
भी नहीं होता है, उस पर निर्लज्जता
ये कि हम भारत वासियों को इस
कृत्य का आज अफसोस तक नहीं है।
बापू गांधी, जिसने देश के दीवानों
को अपना अनुसरण कराया था,
सत्य अहिंसा की राह में चलकर
आज़ादी पाने का पाठ पढ़ाया था।
जिस ओर चले थे गांधी के लम्बे पग,
उस ओर दौड़ते थे दीवाने लाखों पग,
भारतमाता को झुकता था उनका सिर,
झुक जाता था उन्हें देशवासियों का सिर।
तीस जनवरी सन अड़तालिस
शुक्रवार का वह दिन था,
महात्मा गांधी का सीना छलनी कर
बैठा, एक दीवाना भारत का,
हे राम! कहा, बापू ने गिरकर अपनी
धरती माँ, भारत माता की गोदी में।
आदित्य आज इस शहीद दिवस पर
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, को शत शत
नमन हृदय से है, है विनम्र श्रद्धांजलि
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी बापू जी को।
विद्यावाचस्पति डॉ कर्नल
आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’
लखनऊ











