
संस्कृति एवं साहित्य शोध समिति बालाघाट मध्य प्रदेश के तत्वावधान में साहित्यकार अधिवेशन सृजन महोत्सव - 2026 , 8 फरवरी को सांदीपनि विद्या निकेतन के अडिटोरियम बालाघाट में भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन में भिलाई - छत्तीसगढ़ के सबसे सक्रिय मुक्तस्वर साहित्य समिति से जुड़े कवि, कवयित्रियां, व साहित्यकारों को उनकी उत्कृष्ट रचना एवं साहित्यिक उपलब्धियों के लिए अधिवेशन में अलग - अलग सम्मानों से सम्मानित किया गया। जिसमें मुक्तस्वर साहित्य समिति के अध्यक्ष व लब्धप्रतिष्ठित कवि साहित्यकार गोविन्द पाल को उनकी काव्य संग्रह "एक नई सुबह का सूरज" के लिए उन्हें स्व.भगवंत रावजी आड़े स्मृति में पाल को काव्य कुमुदिनी अलंकरण - 2026 से अलंकृत किया गया। अलंकरण स्वरूप गोविन्द पाल को सम्मान पत्र, प्रतीक चिन्ह, शाल ओढ़ाकर व मोती की माला पहनाकर तथा सम्मान राशि भेंटकर अलंकृत किया गया । इसके बाद मुक्तस्वर साहित्य के उप-सचिव तथा कवि साहित्यकार शंकर भट्टाचार्य को अखिल भारतीय कविता प्रतियोगिता में उनकी रचना को सर्वश्रेष्ठ रचना के रुप में चुनें जाने पर शंकर भट्टाचार्य को स्व. श्रीमति माधुरी कर्महे स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया। सम्मान स्वरूप उन्हें सम्मान पत्र, प्रतीक चिह्न, शाल ओढ़ाकर, मोती की माला पहनाकर तथा सम्मान राशि भेंटकर सम्मानित किया गया।, इसके बाद जाने माने कवयित्री व मुक्तस्वर साहित्य समिति के उपाध्यक्ष शीशलता, कवि साहित्यकार तथा मुक्तस्वर के कोषाध्यक्ष संतोष जाटव "जालौनी" एवं मुक्तस्वर के संयोजक व कवि लेखक पंडित वासुदेव भट्टाचार्य आदि उन सभी के उत्कृष्ट रचना के लिए हिंदी साहित्य रत्न उपाधि से अलंकृत किया गया। अलंकरण स्वरूप उन्हें ससम्मान मंच पर आमंत्रित कर सम्मान पत्र, प्रतीक चिह्न, तथा मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मुक्तस्वर साहित्य समिति के उप-सचिव भूषण चिपड़े, वयोवृद्घ वरिष्ठ लेखिका व मुक्तस्वर साहित्य समिति के आजीवन सदस्य डाॅ शिरोमणि माथुर तथा डाॅ नीलकंठ देवांगन को भी हिंदी साहित्य रत्न उपाधि से अलंकृत किया गया परंतु कुछ विशेष कारणों से इन लोग बालाघाट में उपस्थित नहीं हो पाये थे अतः भूषण चिपड़े, डाॅ शिरोमणि माथुर व डाॅ नीलकंठ देवांगन आदि के सम्मान को मुक्तस्वर साहित्य समिति के पदाधिकारियों को मंच पर बुलाकर ससम्मान उनके हाथों सौपते हुए उन्हें शुभकामनाएं व बधाईयाँ दी। इस अवसर पर चतुर्थ सृजन महोत्सव में पत्रिका स्पंदन – 2026 का भी लोकार्पण किया गया जिसमें अलंकृत हुए सभी रचनाकारों की रचनाएं प्रकाशित की गई। मुक्तस्वर साहित्य समिति के द्वारा प्रकाशित बाल साहित्य विशेषांक पत्रिका इस अवसर पर संस्कृत एवं साहित्य शोध समिति मध्यप्रदेश बालाघाट के महासचिव अशोक कुमार सिंहासने “आसीम” एवं अध्यक्ष प्रो. एल सी जैन को तथा मंच पर उपस्थित अतिथियों को भेंट किया गया। इतनी सारी उपलब्धियां और सम्मान के लिए तथा भिलाई छत्तीसगढ़ का नाम रौशन करने के लिए भिलाई छत्तीसगढ़ के अनेकों प्रबुद्धजनों, बुद्धिजीवियां, पत्रकारों, साहित्यकार गणों व कवि संगम त्रिपाठी संस्थापक प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा ने मुक्तस्वर साहित्य समिति के सभी रचनाकारों को शुभकामनाएं व बधाईयाँ दी।











