
सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाईन पर,
यूजीसी नियमों को बनाया गया है।
इनसे उच्च शैक्षणिक संस्थानों में,
समानता और भाईचारा ही बढ़ेगा।।
कुछ समुदाय करते इसका विरोध हैं,
वो इसे बताते समुदाय के खिलाफ हैं।
वो हर किसी को भी उलझा सकते हैं,
इसमे बचने का भी कोई उपाय नहीं है।।
यूजीसी ने विस्तार से समझाया हैं,
इसमे समानता को आधार बनाया है।
हम सबके साथ समान व्यवहार हो,
अपराध होने पर ही कारवाही हो।।
इसमें एससी,एसटी,ओबीसी व महिला,
दिव्यांगजन को भी सदस्य बनाया है।
इनके अलावा पाँच सदस्यों में हम ,
चाहे किसी को भी शामिल कर सकते हैं।।
इसमे सजा सुनायें जाने के बाद भी,
हमको अपील का अधिकार मिला है।
यूजीसी सुझाव लेकर संशोधन करै,
फिर इसको संस्थानों में लागु करै।।
सर्वोच्च न्यायालय स्टे हटाए,
उचित संशोधित नियम बनाए।
सामाजिक न्याय की इस राह में,
सबको साथ लेकर कदम बढायें।।
हम सब पहले इसका अध्ययन करै,
इसमे फिर से विचार विमर्श करै।
इसका फिर चाहे कोई विरोध करै,
उचित संशोधित नये नियम बनाए।।
मुन्ना राम मेघवाल।।
कोलिया,डीडवाना,राजस्थान।











