
ओ मन मीत मेरे
ना छोड़ना साथ कभी
सही राह दिखाना
जब गलत राह जाऊं कभी
हौसला मेरा बढ़ाना
थक जाऊं जब कभी
थाम लेना हाथ मेरा
लड़खड़ाए जब कदम कभी
पोंछ लेना आसूं मेरे
दुःखी हो पास तेरे आऊं जब कभी
मुस्कान बन जाना मेरी
पैरों में कांटा चुभे जब कभी
संवार लेना संभाल लेना
टूट जिंदगी से जब बिखर जाऊं कभी
ओ मन मीत मेरे
हर पल साथ चलना मेरे
प्रिया काम्बोज प्रिया
सहारनपुर उत्तर प्रदेश











