
जीवन एक संगीत है इसे मिलकर हम सब गुनगुनाते रहें।
प्रत्येक पल परिश्रम करते हुए स्वयं उदाहरण बनते रहें।।
जीवन की राह में कभी खुशी तो कभी गम मिलेंगे।
कुछ देखकर मुँह बनाएँगे तो कुछ अवश्य खिलेंगे।।
छोटी-सी इस दुनिया में बिछड़े हुए भी कभी मिलेंगे।
कुछ शीतल जल पीलाएंँगे तो कुछ जल-जल मरेंगे।।
ज़िंदगी में प्रत्येक इंसान को कभी धूप तो कभी छाँव ही हासिल होगी।
जून-माह के सूर्य तो जनवरी-माह के सूरज की मिसाल कायम होगी।।
जबरदस्त जीवन जीने वालों के उदाहरण से ही दुनिया बेमिसाल होगी।
बेफ़िक्र या बेपरवाह होकर चलने वालों की लिस्ट में ऐसी रफ़्तार होगी।।
मधुर संगीत सुनना सेहत के लिए बहुत अच्छा है।
मधुर भाषा के प्रयोग से बनता संबंध अच्छा है।।
मधुर जनता रखती सबसे व्यवहार अच्छा है।
मधुरता का प्रसार करना आखिर सबसे अच्छा है।।
जीवन के संगीत में हर क्षण मधुर रस बहता है।
शांत मन के भीतर ही माधुर्य भाव पनपता रहता है।।
सुख-दुख की गहरी गूँज समाज में सबको सुनाता है।
पेड़ा खाने वालों को भी पीड़ा का अहसास करवाता है।।
वाद्ययंत्रों के समान हर तार से सद्व्यवहार होने चाहिए।
चाहे गमों का हो राग किंतु सुखों के ही आलाप होने चाहिए।।
नवीन उपलब्धियों को पाते हुए केवल मिलाप होने चाहिए।
एक-दूसरे के प्रति सद्भावनाओं के ही विचार होने चाहिए।।
सत्य है कि जीवन एक संगीत है बस प्रीत की रीत निभाएँ।
चित्त से हित की वार्तालाप करते हुए अभिन्न मीत बनाएँ।।
शिक्षिका, कवयित्री, लेखिका, समाजसेविका-डॉ. ऋचा शर्मा “श्रेष्ठा” करनाल (हरियाणा)












