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गजल

दर्द किसको बताएं हम जाकर,,।
कोई हमदर्द तुम सा नहीं,,है, 2नहीं है ,,नहीं है,,
कोई हमदर्द तुम सा नहीं,है,,1

कहे किसको हम, अपनी आप बीती,,,।
यहां कोई भी अपना नहीं है ,, नहीं है,, नहीं है ,,कोई हमदर्द अपना नहीं है,,,2

दर्द किसको बताएं हम जाकर,,
कोई हमदर्द तुमसा ,,नहीं है,,
नहीं है ,,नहीं है,, कोई हमदर्द, तुम सा नहीं है,,2

बस,, तू ही है ,मालिक ,,मेरा अपना2
जिससे कोई भी पर्दा नहीं है,,, नहीं है ,,नहीं है,,2
जिससे कोई भी, पर्दा नहीं है,,
दर्द किसको बताएं हम जाकर,,,
कोई हमदर्द तुमसा नहीं है,
नहीं है ,नहीं है,,
यहां कोई भी अपना, नहीं है,,,

राजेंद्र कुमार तिवारी मंदसौर, मध्य प्रदेश

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