
समय होता बलवान,सबपे होता भारी
निरंतर चक्र की तरह चलता रहता
कोई नहीं रोक सकता, ना टोक सकता उसका पथ
वह बदल देता है सबके जीवन का
रथ
समय की गति होता अनंत
कोई नहीं जानता आरंभ और इसका अंत
जीवन में ले आता है सुख और दुःख
किसी की कुछ नहीं सुनता, ना ही कुछ कहता
समय का चक्र होता पथगामी
समय है बलशाली सब पर होता भारी
समय की कीमत पहचानो
गुजरा हुआ वक्त फिर नहीं आता
कल पर ना टालो कोई काम
समय का सदुपयोग करो
हर पल को खुशी से जियो
कल की चिंता मत करो
भविष्य को संवारो
समय है अनमोल रत्न
सपनों को बखूबी साकार करो
आइए हम संकल्प लें
समय को पहचानें और समय का सम्मान करें
उसके साथ चलें और जीवनमें
अपने लक्ष्य की ओर निरंतर बढ़ें
डॉ मीना कुमारी परिहार













