
जरुरी नहीं जो मुस्कुरा रहा हो वो खुश हो
जीवन से मुकम्मल वो संतृष्ट हो
मुस्कुराहटों के भी रूप अनेक होते है
दर्द के आंसू तो खुशी के भी आंसू होते है
परिवर्तनीय जीवन मे वक़्त ही आपका परिवर्तनशील होता है
गमों को खुद के छिपाने मुस्कुराना ही माकुल होता है
जीवन एक भवसागर है पार करना ही मुनासिब उद्देश्य होता है
रोकर या हंसकर करे ये इंसानी बर्दाश्त का पुरकशिश सबूत होता है
मुस्कुराना भी मायूस मन को मनाने की एक अदावत होता है
जीवन से लड़ने की कुछ पाने की एक बगावत होता है
मुस्कुराहट जैविक भावों का एक खुबसूरत सा पिटारा होती है
जीवन को समझने और गुनगुनाने का नैसर्गिक एक इशारा होती है
संदीप सक्सेना
जबलपुर म प्र













