
न किसी को लड़ाओ ।
न किसी को लड़ने दो।
न खुद दुखी रहो ।
न किसी को दुखी रहने दो।
यही तो है भगवान महावीर संदेश।
स्वयं जिओ और सबको जीने दो।
न खुद के आंसू बहाओ।
न औरों के आंसू बहने दो।
न खुद पर क्रोध करो।
न औरों को क्रोध करने दो।
सबको समझो अपना जैसा।
स्वयं जिओ और सबको जीने दो।
न पेड़ो को काटो।
न हवा को प्रदूषित होने दो।
न जल को बर्बाद करो।
न जंगल को कंक्रीट होने दो।
पर्यावरण को स्वच्छ रहने दो।
स्वयं जिओ और सबको जीने दो।
जी एल जैन, जबलपुर म.प्र.
स्वरचित एवं मौलिक













