
बाबाओं से बचकर रहिए |
मन की बात न सबसे कहिए ||
ओढ़ धर्म का चोला निकलें |
इनकी नीयत खुद ही पढ़िए ||
बन जाते हैं ये अवतारी |
रहे ढोंगपन इनका भारी ||
करें कभी मत अंधी श्रद्धा |
बहुधा तन के हुए शिकारी ||
बहिन बेटियों सावधान हो |
स्वयं ज्ञान से निर्णय करिए ||
बाबाओं से बचकर रहिए |
रोज मीडिया हमें दिखाता |
नाम नवीन रोज बतलाता ||
पाखंडों की कमी नहीं है |
इनका नहीं धर्म से नाता ||
आज चेतना हुई जरूरी |
बहुरुपियों से खुद ही बचिए ||
बाबाओं से बचकर रहिए |
वाणी में है ज्ञान धर्म का |
मन रखते पर बुरे कर्म का ||
इनके अन्तस को पहचानो |
हो न सामना कभी शर्म का ||
खूब चढ़ा कर इन्हें चढ़ावा |
नहीं मुफ्त में झोली भरिए ||
बाबाओं से बचकर रहिए |
ईश्वर पर हम रखें आस्था |
एक लक्ष्य बस एक रास्ता ||
हर मुश्किल का हल करता वह |
रखें न कोई अन्य वास्ता ||
डग – डग पर मिलता है धोखा |
अब “संतोष” धर्म पथ गहिए |
बाबाओं से बचकर रहिए ||
संतोष नेमा “संतोष”













