
मधुर रिश्ते एहसास से बनते हैं
मुहब्बत से मधुर रिश्ते बनते हैं
एक दूसरे की भावनाओं का कद्र करें
छोटी-छोटी बातों पर लड़ाई ना करें
त्याग और प्रेम की भावना अपनाएं
विश्वास ही रिश्ते के लिए होते हैं
इसलिए ईमानदारी को प्राथमिकता
देनी चाहिए
दूसरों के साथ व्यवहार अच्छा रखें
रिश्तो में उतार-चढ़ाव को बखूबी समझें
हर रिश्ते का सम्मान करें, क्षमा करना सीखें
बातचीत में हमेशा मिठास रखें
हम अपने रिश्तों में प्रेम और मिठास घोल सकते हैं
ना किसी से शिकवा करें ना किसी का दिल दुखाएं
छोटी-छोटी बातों को दिल से न लगाएं
कोई गलती हो जाए तो माफी जरूर मांग लेना चाहिए
दिल में जो ज़ख्म घर कर जाते हैं
वो ज़ख्म भी भर जाते हैं
कभी तुम झुक जाओ ,तो कभी हम झुक जाएं
दिल में अहंकार को नहीं लाएं
दो मीठे बोल बोलिए, बस इतने से ही रिश्ते महक उठेंगे
किसी भी बात को सिर्फ कहना नहीं ,समझना भी चाहिए
आंखों में आंखें डालकर जो मन को पढ़ ले
वही अपना सच्चा साथी कहलाता है
रूठना ,मनाना तो दस्तूर है इसका
सुबह की पहली किरण से पहले मुस्कान के साथ दिन की शुरुआत हो जाए
दौलत से रिश्ते नहीं बनते ना हीं तोला जा सकता है
आइए हम आज ये वादा करते हैं कि
मुहब्बत से मधुर रिश्ता बनाएंगे
डॉ मीना कुमारी परिहार










