
राह कठिन है चलना नामुमकिन है
जिंदगी का ज़हर है पीना ही पड़ेगा
आये है इस धरा पर मेरे रब गिला नही
जहर जिंदगी का निगलना ही पड़ेगा
हर फलसफों मे जिंदगी एक साफिन है
राह कठिन है चलना नामुमकिन है
ये जीवन आपके धैर्य का एक इम्तिहान है
कर्मपथ पर ना रुकने का एक लक्ष्य महान है
संघर्षो की बडी एक रेलमपेल है
अच्छाई बुराई से माकुल जीवन के रिम है
राह कठिन है चलना नामुमकिन है
जीवन है तप है रिश्तों की एक अनकही समझ है
बेदाग बेहिसाब आशाओं की कसमकस है
उहापोह से भरे हिसाब मे उलझा इंसान है
नासुर डगर पर ही आपके सामर्थ्य का उद्दीपन है
राह कठिन है चलना नामुमकिन है
इंसानी तप का जीवन एक पथिक संचार है
द्विराह संचलन मे व्याप्त नैकियत एवं व्यभिचार है
मंजिल दूर है चलना अपार है
व्याप्त जीवन पथ पर संघर्ष हर मुमकिन है
राह कठिन है चलना नामुमकिन है
संदीप सक्सेना
जबलपुर म प्र












