
विधा- काव्य
माँ- जीवन उसका सफल होता जहाँ माँ का वास होता है
अंगारों से तपती रूह को शीतलता का अहसास होता है
अपनो से भी अपनी होती है ऐसा माँ का साथ होता है
कोई दिन माँ का नही माँ से ही हर दिन होता है
माँ का रिश्ता होता है माँ ऐसी होती है
बच्चे मे ही अपनी सारी खुशियाँ पिरोती है
सपने हज़ार आंखों मे लिये जीती है दुनियाँ के सारे सुख दुख एक सांस मे अपने ही संतान से बान्टती है बातें तो उसकी बहुत होती है
दुख कम खुशियां ही ज्यादा जताती है
सन्तान के लिये दुआओं की झड़ी लगाती है
मूंह थक जाये पर आशीष कहाँ कम होता है
माँ तुझसे ही दुनिया जन्नत है
इश्वर की मन्नत है
खुशकिस्मत है हम कि माँ हमारी किस्मत है
आशीर्वाद माँ का इश्वर की नेमत है सच है जीवन उसका साध्य है जहां माँ तेरा आशीर्वाद होता है
तेरा साथ होता है तेरा वास होता है
संदीप सक्सेना
जबलपुर म प्र











