Uncategorized
Trending

सबकुछ तय है

यहाँ सबकुछ है,तय
फिर क्यो,मन मे है भय ?
होकर रहे यहाँ, तु निर्भय
मत रखे ,मन मे संशय

उथल पुथल ,ये सब होना
जीवन का हिस्सा जो माना?
सच कहता हूँ, ये बात
सुखी मे वही बिताये,दिन-रात ।

आपके इष्ट,आपको नही छोडेगे,
डूबे हो तो,अवश्य उठायेंगे ,
गिरो तो,सहारे देंगे ,
लेकिन साथ न कभी छोडेंगे ।

हाँ,,तेरे मन मुताबिक न होगे,
कुछ तो वो भी,वक्त लेंगे ,
शायद परीक्षा की घड़ी होगी
लेकिन वो मदद,अवश्य करेगे।

जिनके मर्जी के बगैर पत्ता नही हिलता,
एक इशारे मे है,संसार चलता
दिन-रात है,होता
ऋतु, मौसम है बदलता।

उस इष्ट पर रखे खुद को भरोसा
जो भी करेगे,मत हो निराशा
यहाँ सबकुछ तय है
फिर मन मे क्यो,भय है?

चुन्नू साहा पाकूड झारखण्ड

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *