
डॉक्टर का जीवन केवल रंगों की सादगी नहीं,
किसी अनजान जीवन की सबसे बड़ी बंदगी है।
यह सुकून बनकर हर पीड़ित मन को सहलाता है,
बुझती साँसों में फिर से जीने का दीप जलाता है।
निष्ठा जिसकी हर धड़कन का मौन संकल्प है,
समर्पण ही जिसके जीवन का सच्चा विकल्प है।
दर्द की हर चीख को मुस्कान में बदल देता,
अपने आँसू पीकर भी हर ज़ख्म को सिल देता।
रातों की नींद त्याग, किसी का सवेरा बनता है,
हर धड़कन के साथ नया विश्वास गढ़ता है।
जहाँ दुआ भी थक जाए, वहाँ उम्मीद बन जाता है,
ईश्वर के स्पर्श-सा हर जीवन को अपनाता है।
डॉ रुपाली गर्ग
मुंबई महाराष्ट्र












