
यहीं कहीं चौराहे पर पड़ी थी किसी की लाश, सब सोच रही थी कि है यह किसकी लाश,
हिन्दू कह रहा था कि है यह मुसलमान की लाश, मुसलमान कह रहा था कि यह है हिन्दू की लाश,
लेकिन उस भारी भीड़ में, लेकिन उस खड़ी भीड़ में, किसी ने यह नहीं सोचा, है तो यह एक इंसान की ही लाश।
रुपाली
मुंबई महाराष्ट्र








