
स्कूल चले हम,स्कूल चले हम
तैयार होकर,देखो स्कूल चले हम
किताब,बैग,कॉपी, कलम लेकर हम
स्कूल चले हम,स्कूल चले हम।
हमसबो के वास्ते,स्कूल है अच्छे
वहाँ भयमुक्त मन होते है, सबके
खूब सैर सपाटे होते है,पढ़ाई के साथ साथ
थाम एक दुजे के लेकर हाथो-हाथ ।
मनोविकाश,बुद्दिविकाश, मनोरंजन होता है
घर की सारी थकान दोस्तो मे बंट जाती है
जीवन की सबसे बड़ी, ये उपहार है
स्कूल मे तो तो,हरेक रोज तयौहार है।
बहुत ही अच्छा लगता है,स्कूल का वातावरण
यदि हम ठीक से करे, अनुकरण
हमारे जीवन के सर्वागीण विकाश का आधार
स्कूल से ही होती है तैयार ।
अतः खुद को मजबूती से करे तैयार
अपने स्कूल से करे खूब प्यार
स्कूल के साथी जन है लोग,जितने
वो सब है,अपने ही अपने ।
चुन्नू साहा पाकूड झारखण्ड













