
आजाद देश में आज तिरंगा लहराया था
भारत माता ने माथे पर
आजादी का तिलक लगाया था
न जाने कितने आजादी के परवानों ने
अपना शीश चढ़ाया था।
आजाद देश में आज तिरंगा लहराया था
इस आजादी को पाने लिये
अपना खून बहाया था
वो दिन भी याद करो
जब मंगल पांडे ने आजादी का बिगुल बजाया था
रानी झांसी ने आजादी का अर्थ समझाया था
याद करो भगत सिंह चंद्रशेखर को
प्राणों का मोह छोड़ फिरंगियों का होश उड़ाया था ।
आजाद देश में आज तिरंगा लहराया था
गांधी, नेहरू की अमर है गाथा
आजादी को गले लगा लें
भारत के जन-जन को ले संग आजादी का दीप जलाया था
सन् बयालीस की जंग-ए-आज़ादी
भर दी जेलें– आजादी के परवानों नें
तब समझ अंग्रेज हुकूमत को आया
तोड़ें बेड़ियां इनकी अब जाना ही होगा
आंधी नहीं झंझावात है… आजादी का
ये बलिदानी मंज़र….देख अंग्रेज घबराया ।
उन स्वतंत्रता सेनानियों को आज नमन की आई है वेला
ये दिन पाने को–
खुद को जेलों में झोंक घोर कष्ट था झेला।
आजाद देश में आज तिरंगा लहराया था
याद करो उन अज्ञात महा वीरों को
आजादी पाने के लिए…अपना सर्वस्व लुटाया था
मिली थी आजादी … आजादी का फल हमें चखाया था
जिन मूल्यों के पाने को ……वो चढ़े थे बलिवेदी
क्या इस चली हवा ने …
सच्चे अर्थों में वो आजाद हवा…क्या चले वक्त ने दे दी ?
अवधान करो इस पर–
क्या पाया आजादी की वेला में …क्या यूं ही हम ने बलिदानों की मणियां खो दी ?
याद करो उस वेला को
आजाद देश में आज तिरंगा लहराया था।
– महेश शर्मा-करनाल











