
विधा- कविता
शीर्षक- लो ठंड आई
वर्ष का आखिरी महीना,
दिसंबर आया है।
ठंड की चादर ओड,
दस्तक दे पाया है।।
सूरज की धूप भी कमजोर सी,
और रातें हैं लंबी सी।
यादों के झरोखे से,
बीते पल याद आए हैं ।।
हर बीता हुआ पल,
एक कहानी सुनाता है ।
नई उम्मीदों संग,
नया सवेरा लाता है।।
दिसंबर की ठंड में,
चादर- कंबल- रजाई की याद आती है।।
ठंड का ये सुहाना महीना दिसम्बर,
जीवन में नई उमंगे लाता है।।
वर्ष का अंतिम माह है दिसम्बर,
इसके बाद नया साल आता है।
धैर्य और शांति संग करो,
नये वर्ष के आगाज,
ये जीवन में खुशीयाँ ही खुशीयाँ लाता है।।
रचनाकार- नंदकिशोर गौतम (माध्य.शिक्षक)
शास. उच्च. माध्य. विद्यालय बकोडी, ब्लॉक कुरई, जिला सिवनी (म.प्र.)












