
बहुत कुछ दिखाती है बताती है ये तस्वीरें
बहुत कुछ कह जाती है ये तस्वीरें
आंखों से बोलती है ये तस्वीरें कभी झुक जाए ,कभी चमक जाए, तो कभी प्यार से भर जाती है ये तस्वीरें
अधरों का खेल खिलाती है ये तस्वीरें
कभी गुनगुनाए, कभी फुसफुसाए, तो कभी खामोश हो जाए ये तस्वीरें
कभी झूठ को सच ,कभी सच को झूठ ,कभी सच को सच बताती है ये तस्वीरें
कभी रिश्तों में लगाव, तो कभी खिंचाव , कभी अपनेपन का भाव महसूस करती है ये तस्वीरें
कभी निराशा, विलाप, बिछड़न तो कभी उमंग ,उत्साह ,आनंद दर्शाती है ये तस्वीरें
सुनहरे पलों की याद दिलाती है ये तस्वीरें
बहुत कुछ बताती है दिखती है यह तस्वीरें
शिखा पाण्डेय
सरायपाली (छ.ग.)












