
मैं और मेरे बच्चे,
हाँ जी ! मैं और मेरे बच्चे।
क्या? आपके भी हैं बच्चे,
कितने बच्चे जरा बताये ।।
जरा बताये कितने बच्चे।
एक- दो, तीन या चार,
जरा बताओ मेरे यार।
भाई मेरे तो हैं, सैकड़ो बच्चें,
हाँ मेरे तो हैं सैकड़ो बच्चें।
पूछों तो जरा ऐसा कैसे,
पूछों तो जरा ऐसा कैसे।।
चूँकि मैं एक शिक्षक हूँ,
सारे बच्चों का रक्षक हूँ।
माता-पिता सबसे पहले,
मैं सारे बच्चों का शुभ चिंतक हूँ।।
हाँ जी! मैं एक शिक्षक हूँ।
रचनाकार- नंदकिशोर गौतम ( माध्यमिक शिक्षक)
शास. उच्च. माध्य. विद्यालय बकोडी, ब्लॉक कुरई, जिला सिवनी (म.प्र.)












