शीर्षक – ज्ञान की ज्योति
बड़ा सुहाना है तीन जनवरी का दिन,
प्रथम भारतीय महिला शिक्षिका जन्म का हुआ।
नाम था उनका सावित्रीबाई फुले,
जिनके कारण समाज में नारियों का सम्मान हुआ ।।
नमन करे हम सावित्रीबाई फुले को,
जिसने नारी शिक्षा की दुनिया में अलख जगाई।
अज्ञानता का अंधकार को दूर कर,
उन्होंने समाज में ज्ञान की ज्योति जलाई।।
हुई खुद शिक्षित पहले,
और बताया फिर समाज को।
कितनी जरूरी स्त्रियों के लिए शिक्षा,
सतत जगाती रही समाज को।।
अपने पति के साथ काम कर,
जनविरोध पा किया नारी उत्थान।
लोगों ने इन पर फेका कूड़ा,
मार पत्थर किया था अपमान।।
फिर भी अडिग पथ पर चलते रही,
और रोका बाल विवाह।
विधवा विवाह कराकर ,
चलती रही नारियों का उत्थान कर।।
रचनाकार नंदकिशोर गौतम ( माध्यमिक शिक्षक)
शास. उच्च. माध्य. विद्यालय बकोड़ी, ब्लॉक कुरई, जिला सिवनी, म. प्र.












