
मन की बात दिल से निकलती,
सच्ची होती, साफ़ होती।
जो मन में है वही कह देती,
न उसमें कोई बनावट होती।
कभी खुशी बनकर आती है,
कभी दर्द की आवाज़ बने।
मन की बात जब सही हो,
तो बिगड़े हालात भी सँवरें।
मन की बात दबा ली जाए,
तो मन भारी हो जाता है।
पर कह देने से मन हल्का,
और जीवन अच्छा हो जाता है।
हर इंसान के मन में कुछ है,
कहने को, समझाने को।
मन की बात सुन ली जाए,
तो दिल जुड़े निभाने को।
मन की बात है साहस बनती,
जब डर हमको घेर लेता।
टूटी राहों पर उम्मीद का,
एक दीपक सा जल जाता।
जब मन बोले गलत के खिलाफ,
और सही का साथ निभाए।
तब साधारण इंसान भी,
बड़ा बदलाव कर जाए।
मन की बात अगर सबकी बने,
तो देश आगे बढ़ जाता है।
आपस की समझ, प्यार और विश्वास से,
हर घर खुशियों से भर जाता है।
कह दो मन की बात समय पर,
न रखो इसे अनकही।
क्योंकि मन हल्का हो जाता है,
जब मन की बात कही जाती है।
जिला-सिवनी, मध्यप्रदेश












