
मकर संक्रांति का त्यौहार
खुशियों का आया बौछार
सूर्य देव का मकर मे प्रवेश हुआ
सूर्य देव-शनिदेव का मिलना हुआ
जगत में खुशियाँ की उदगम् हुई
लोगो को आपसी मिलन संगम हुई
पकवाने बनने लगे,और खिचडी भी
लड्डू भी बनाने लगे है,लोग सभी
तरह तरह के अनाजों का लड्डू
तिल कही,कही बाजरे,कही चुडा का लड्डू
गुड़ का सुगंध मकई भाजा के साथ मे है
दही- चुड़ा भी एक साथ मे है
सब मस्ती मे,मस्त है
लोग खाने खिलाने मे व्यस्त है
बहुत ज्यादा नियम धर्म नही है इसमे
बस,भक्ति भाव रखना है मन मे
न खूब हो हल्ला,शोर मचाई
बस,अपनो के साथ मस्ती छाई
ऐसा है ,मकर संक्रांति का त्यौहार
व्यसतता कम,खुशियाँ अपार
चुन्नू साहा पाकूड झारखण्ड












