
चौदह जनवरी का दिन है बड़ा सुहाना,
यह मकर संक्रान्ति का दिन कहलाया l
मकर संक्रान्ति का त्यौंहार है आया,
हम सबके मन आनंद समाया ll
चलो मिलकर गंगा नदी के किनारे जाए,
यहाँ स्नान कर खुशीयाँ मनाये l
तिल- गुड़ के लड्डू बनाकर,
सब मिल-जुल कर खूब खाए ll
मकर संक्रान्ति आई,
खुशियों की सौगात लाई l
कहीं खिचड़ी, कहीं तिल के लड्डू,
तो कहीं पतंगे खूब उड़ाई ll
मकर संक्रान्ति से सूर्य देव मकर पर आये,
रोग दोष को दूर भगाये l
ठंडी हवा में घुले मिठास,
हर व्यक्ति में जागे विश्वास ll
रचनाकार- नंदकिशोर गौतम (माध्यमिक शिक्षक)
शास. उच्च. माध्य. विद्यालय बकोड़ी, ब्लॉक कुरई, जिला सिवनी म. प्र.












