
सूर्य करता जब मकर राशि में प्रवेश,
इस दिवस मिलता शुभाशीष अशेष।
विश्व प्रसिद्ध सूर्य पर्व कहलाता है ,
मकर संक्रांति पर्व जब आता है ।
अनूठा है यह मकर संक्रांति त्योहार, होता खिचड़ी ,तिल ,लड्डू का आहार।
मकर संक्रांति है फसलों का त्यौहार ,
बनाते मीठी पकवान और सुंदर उपहार
होता इस दिन नदियों में, संगम में स्नान ,
करते अन्न ,तिल ,गुडऔर पकवान का दान ।
माघ महीने में करते जो प्रयाग में तीन बार स्नान ,
मिलता उन्हें शुभ फल अश्वमेध यज्ञ करने के समान।
पद्म पुराण में शिव जी का नारद से है कहना ,
माघ मास में स्नान करने मात्र से ,पुण्यकाल की अगणित है गणना।
भिन्न भिन्न राज्य संक्रांति के भिन्न भिन्न नाम ,
भिन्न भिन्न पकवान,पर मान्यता एक समान ।
कहीं खाते खिचड़ी ,कहीं उड़ाते पतंग,
कहीं खाते मक्के की रोटी और उठाते रेवड़ी का आनंद।
कहीं होती गाय बैलों की पूजा,
कहीं पुरानी चीजें जलाने का चलन ,
कहीं बनते तिल गुड के लड्डू,
तिल ,गुड देता है मीठा जीवन।
इस पर्व से मिलता दान ,परोपकार सामंजस्य का संदेश,
जीवन में एकमात्र
सकारात्मकता ,मेहनत सद्भाव हो उद्देश्य।
सूर्य पर्व मकर संक्रांति की शुभकामनाएं आप सभी को
स्वरचित रचना
श्रीमती प्रतिभा दिनेश कर
विकासखण्ड सरायपाली
जिला महासमुन्द












