पिता पुत्री मंगल कुमार जैन एवं पाखी जैन के विचारों से सजा कल्प भेंटवार्ता मंच।

प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार की संवाद प्रभारी श्रीमती ज्योति राघव सिंह जी ने बताया कि नवाचार से सुसज्जित साहित्यिक साक्षात्कार कल्प भेंटवार्ता में कल्पकथा स्थापना माह विशेष कार्यक्रम का तृतीय अंक पिता पुत्री के नाम रहा।।
डॉ श्रीमती मंजू शकुन खरे के प्रेरक संवाद कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी, रक्तदाता, एवं साहित्यकार मंगल कुमार जैन के प्रबुद्ध चिंतन और काव्य रचनाओं को समर्पित हुआ।
कल्पकथा के यूट्यूब चैनल पर सीधे प्रसारण के कार्यक्रम में कक्षा आठ की विद्यार्थी बिटिया पाखी जैन ने बहुमुखी प्रतिभा से सभी का मन मोह लिया।
चार चरणों क्रमशः व्यक्तिगत परिचय, साहित्यिक यात्रा, दर्शकों के प्रश्न, और चटपटे प्रश्न अटपटे उत्तर, के विशिष्ठ आयोजन के अंत में वन्दे मातरम् राष्ट्रगीत का गायन किया गया। तत्पश्चात आमंत्रित अतिथियों, सहभागी साहित्यकारों, एवं दर्शकों का आभार प्रकट करते हुए कार्यक्रम को विश्राम दिया गया।












