
।। उसी को पात्रता कहते हैं ।।
नौ प्रकार के मनुष्यों को जो कुछ दिया जाता है वह अक्षय होता है !!
” सुपात्र ब्राह्मण !!
मित्र !!
विनयी !!
दीन !!
अनाथ !!
उपकारी !!
माता – पिता !!
और गुरू !!
इन्हें जो दिया जाता है,
वह अक्षय हो जाता है ।।
इसके विपरीत–
इन नौ व्यक्तियों को
जो कुछ दिया जाता है,
वह निष्फल हो जाता है—
चिकनी, चुपडी बातें करने वाले, चारण — प्रशंसा में गीत गाने वाले, चोर, अयोग्य वैद्य, धूर्त, छली, शठ, पहलवान, और बन्दी ।।
इन्हें जो दिया जाता है,
वह निष्फल हो जाता है ।।












