
मैं हूँ क्योंकि
मेरे साथ आप सब हो।।
मेरा अस्तित्व है क्योंकि,
मेरे साथ आप सब हो।।
मेरा कर्तव्य पथ गतिशील रहा क्योंकि,
उसके मार्गदर्शक आप सब हैं।।
मै जीवन में जो कुछ कर पाई ,
उस आत्मबल के श्रोत आप सब हैं।।
मेरे सुख के आनंद ,
ओर मेरे दुखों के संबल आप सब हैं।।
जो बीत रहा उस कल के,
मेरे कर्णधार आप सब है।।
जो नूतन कल आ रहा उसके ,
भावी सूत्रधार आप सब है।।
मैने अनुभूत किया कि ,
आप ही मेरे सब कुछ हैं।।
मै अविभूत हूँ उत्साहित हूँ,
क्योंकि मेरे साथ मेरी हर श्वास,मेरे हृदय का विश्वाश ,मेरे भावों के अहसास आप सब हैं।।
इन्हीं शब्दों के साथ जाने वाले वर्ष के हर याद को संजोते हुए आने वाले नूतन नव वर्ष की आप सभी को हृदय की गहराइयों से बहुत बहुत हार्दिक शुभकामनाएं
सीमा राजपूत
शिक्षिका बिछिया
जिला मंडला
मध्यप्रदेश












