
कल्पनाओं का संसार,कल्पवृक्ष का रूप है।
सच्चे मन और लगन से लेता ये साकार रूप है।।
कल्पना मन में उत्साह,आनंद,हिम्मत ,खुशी भरती है।
असंभव को भी संभव करने की शक्ति देती है।।
कल्पना शक्ति के दम पर, हर सपना हुआ है साकार।
कल्पना से पहले यह सब कहां था आसान।।
कर कल्पना ‘कल्पना’ पहुंची अंतरिक्ष गगन।
कर कल्पना ‘कलाम’ ने किया कमाल।।
कल्पना के शिखर में चढ़ ‘सुनीता विलियम’ बनी मिसाल।
कर कल्पना चांद, मंगल में पहुंचे हमारे चरण नयन।।
कर ‘वीर कल्पना’ वीरों ने,दमन दुश्मनों का कर डाला।
दुनिया में ‘सिंदूर मिशन’ की हुंकार से अपना परचम लहरा डाला।।
देश की ‘आन बान’ की खातिर अपनी जान गवा डाला।
कल्पना की ‘वीरता’ से देश को बचा डाला।।
कल्पना की शक्ति से ,परिकल्पना करें सभी।
कल्पनाओं के संसार में,जो सोचा पाया है वही सभी।।
शिखा पाण्डेय
सरायपालीछत्तीसगढ़












