
गम के छाएं बादल या आंधियों ने रास्ता रोका है
हिम्मत और आत्मविश्वास से भर उसे पार फिर करना है
मुश्किलें बढ़ भी जाएं तो परवाह नहीं
साहस की डोर से फिर पार उतरना है
जमीन बंजर सी उम्मीद की फसल उगानी है
आशाओं की बारिश से मेहनत के फल लगाने है
क्यों होता परेशान जीवन दो पहियों की गाड़ी है
कभी सुख कभी दुख में तो आधी जानी है
ना करना कभी नाउम्मीदी का साथ तुम
रात के बाद दिन का उजाला आना है
चिंताओं को छोड़कर खुशी का दामन थाम
मुस्कुराने की वजह बन सबको मुस्कुराते रहना है
रौनक बन किसी के चेहरे की सदा
उदास चेहरे को हंसाते रहना है
प्रिया काम्बोज प्रिया सहारनपुर उत्तर प्रदेश












